लखनऊ: ब्लैक फंगस का कहर, KGMU में 4 मरीजों की इलाज के दौरान मौत

Uttar Pradesh
https://www.dna24.in

राजधानी लखनऊ के KGMU में इलाज के दौरान चार ब्लैक फंगस मरीजों की मौत हो गई है. KGMU ने मरीजों की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

लखनऊ में ब्लैक फंगस का कहर बढ़ता जा रहा है। नए मामलों के साथ ही मौत की संख्या भी अब बढ़ती जा रही है। केजीएमयू में ही mucormycosis अर्थात black fungus के 34 मरीज आ चुके हैं। इसमें से चार की मौत हो गई। संस्थान में अब तक छह मरीज की सर्जरी हो चुकी है। अच्छी खबर यह है कि इनमें से एक मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है। इसको डिस्चार्ज कर दिया गया है।

ब्लैक फंगस अब भयानक रूप से फैलता जा रहा है। अकेले केजीएमयू में ही इसके 34 मरीज भर्ती किये जा चुके हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज में सर्जरी ही सबसे ज्यादा कारगर है। अब तक संस्थान ने 6 मरीजों की सर्जरी की है लेकिन उसमें से चार मरीजों को बचाया नहीं जा सका।

लखनऊ में लोहिया, सिप्स और चंदन अस्पताल में ही ब्लैक फंगस से मौत के मामले सामने आए थे। कोरोना की तरह अभी तक ब्लैक फंगस  से हुई मौत का केंद्रीकृत ब्यौरा जारी नहीं किया जाता है। इसकी वजह से इससे हुई मौत की निश्चित संख्या सार्वजनिक नहीं हो पा रही है लेकिन जिस तरह से इसके मामले आ रहे हैं इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अभी तक ब्लैक फंगस के 34 रोगी भर्ती हुए हैं। तीन रोगी मंगलवार को ही भर्ती हुए। 6 रोगियों की सर्जरी की जा चुकी है।दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि इनमें से 4 रोगियों की मृत्यु हो गईं एक रोगी का सफलतापूर्ण उपचार कर उन्हें डिस्चार्ज किया गया है।
डॉ सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू

इधऱ, राज्य सरकार की ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हो रही है. कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए गए है. सरकार का कहना है कि 30 अप्रैल के के मुकाबले वर्तमान में एक्टिव मामलों की संख्या में 56 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. प्रदेश में अब तक 4.52 करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट किए जा चुके है.

https://www.dna24.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *