रसोइयों और शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ेगा: बेसिक शिक्षा मंत्री

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लखनऊ, 24 फरवरी: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने का सरकार कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने ही 2017 में शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया था। विधानसभा में बसपा विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने सवाल रखा कि क्या सरकार शिक्षा मित्रों के मानदेय बढ़ाने पर विचार करेगी। विधायक शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने वोट बैंक के लिए असंवैधानिक नियमावली से शिक्षा मित्रों को नियमित कर उनके साथ धोखा किया था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2017 में जब शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त किया तो योगी सरकार ने मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने का कोई विचार नहीं है।

केंद्र से बजट मिलने पर होगा प्रेरकों के मानदेय का भुगतान

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि प्रेरकों के बकाया मानदेय का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है। प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रेरकों के मानदेय भुगतान का बजट जारी करने का प्रस्ताव भेजा है। केंद्र से बजट मिलते ही प्रेरकों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।

परिवर्तन लागत और रसोइयों का मानदेय भी नहीं बढ़ेगा

सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने मिड डे मील योजना में परिवर्तन लागत में वृद्धि और रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का सवाल रखा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि मिड डे मील योजना के तहत परिवर्तन लागत में वृद्धि करने, रसोइयों का मानदेय बढ़ाने, बच्चों को खाने के लिए बर्तन व कक्ष उपलब्ध कराने और रसोई को अध्ययन कक्ष से दूर स्थापित करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।

टीआरपी पर मांगी माफी

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने श्याम सुंदर शर्मा के सवाल को टीआरपी बढ़ाने वाला बताया। द्विवेदी के कथन पर बसपा दल के नेता लालजी वर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि टीआरपी बढ़ाने वाले किसके साथ है यह सभी को पता है। उन्होंने कहा कि विधायक सदन में जनता की बात रखने आते हैं ना की टीआरपी बढ़ाने। उन्होंने टीआरपी शब्द को कार्यवाही से हटाने की मांग की। लालजी वर्मा की आपत्ति के बाद बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि यदि उनके कथन से सदस्य को ठेस पहुंची है तो वे क्षमा मांगते हुए अपने शब्द वापस लेते हैं। द्विवेदी ने कहा कि लेकिन यदि कोई पुत्र काबिल हो तो पिता को उस पर गर्व करना चाहिए, टांट नहीं कसना चाहिए।

विवादित भूमि पर बन रहे पंचायत भवनों की जांच होगी

पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में विवादित भूमि पर बन रहे पंचायत भवनों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने विधानसभा में माना कि प्रदेश के 12-13 जिलों से ऐसी शिकायतें आई है। विधानसभा में बसपा दल के नेता लालजी वर्मा ने अंबेडकर नगर में विवादित भूमि पर बन रहे पंचायत भवनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान और पंचायत राज विभाग के अधिकारी विवादित भूमि पर पंचायत भवन बना रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने बलिया के गांव छितरौली में एक ब्राह्मण परिवार के मकान के बाहर भी ग्राम समाज की जमीन पर पंचायत भवन बनाकर परिवार को प्रताड़ित करने का मुद्दा उठाया। पंचायत राज मंत्री ने मामले की जांच का आश्वासन दिया।

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