मोदी की कैबिनेट में उतने काबिल लोग नहीं जो भारत की अर्थव्यवस्था को संभाल पाएँ: ललन कुमार

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लखनऊ, 18 मार्च: हाल ही में बैंक कर्मचारियों ने 2 दिन की हड़ताल की जिससे आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे निजीकरण के विरुद्ध बैंककर्मियों द्वारा की गयी इस हड़ताल पर उत्तर प्रदेश काँग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने कहा:

भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार निजीकरण के मॉडल पर देश चला रही है। 2014 में सत्ता में आने के तुरंत बाद से ही पब्लिक सेक्टर की कंपनियों पर नरेंद्र मोदी के उद्योगपति मित्रों की गिद्ध निगाह पड़ी हुई थी। अपने कॉर्पोरेट मित्रों को खुश करने के लिए नरेंद्र मोदी ने सरकारी संपत्ति को एक-एक कर बेचना शुरू कर दिया है।

नोटबंदी और जीएसटी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में जो भूचाल आया है उससे भारत लम्बे समय तक नहीं उबर पाएगा। उद्योगपतियों को क़र्ज़ दे देकर भारी संख्या में संपत्ति नॉन परफोर्मिंग एसेट बन चुकी है। देश को चलाने के लिए इनके पास न तो ज्ञान है न ही कोई नीति। मोदी की कैबिनेट में उतने काबिल लोग नहीं जो भारत की अर्थव्यवस्था को संभाल पाएँ।

जब बात देश संभालने की आती है तो नरेंद्र मोदी को बेचना ही सूझता है। सार्वजानिक क्षेत्रों की विभिन्न कंपनियों का विनिवेश सरकार कर चुकी है। रेलवे और बैंक भी अब कतार में है। यदि इस हिसाब से चलता रहा तो एक दिन सार्वजानिक संपत्ति के नाम पर देश में कुछ भी नहीं बचेगा।

इंदिरा गाँधी के कार्यकाल में जन-जन तक बैंक की सुविधाओं को पहुँचाने के लिए 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर इस व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया गया था। इसकी वजह से रोज़गार भी बढे और आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को बैंकिंग की सुविधाएँ भी मिलीं। उस दौर में अधिकतर कंपनियों पर सरकार अपना नियंत्रण रखती थी ताकि उसकी सुविधाएँ आम लोगों तक सरलता से कम दामों पर पहुँच सके।

हाल ही में बैंकों के निजीकरण की बात में तेज़ी आने के बाद इस बात से दुखी बैंक के कर्मचारियों ने 2 दिन ही हड़ताल कर कहा कि नरेंद्र मोदी को होश में आ जाना चाहिए। उनके द्वारा की हुई इस हड़ताल को लेकर पूरे देश में यह बात तेज़ी से फ़ैल गयी। अब जल्द ही आईटीसेल द्वारा किसानों की ही तरह बैंककर्मियों को भी आतंकवादी घोषित कर दिया जाएगा।

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