अगर पहले डोज के बाद हो कोरोना संक्रमण, तो दूसरी बार कब लें वैक्सीन?

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दुनिया भर के विशेषज्ञ बार बार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर (Second Wave) से निपटने के कारगर तरीका तेज टीकाकरण (Vaccination) ही है. पिछले तीन हफ्तों से देश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है. देश में अभी उपलब्ध दो वैक्सीन के डोज लग रहे हैं और उनके बीच कम से कम चार हफ्ते का अंतर रखना है. ऐसे में एक समस्या तब आती है जब कोई व्यक्ति वैक्सीन का पहला डोज लगवा ले और दूसरे डोज को लगवाने से पहले ही वह संक्रमित हो जाए. विशेषज्ञों ने इस सवाल का जवाब दिया है.

दो डोज के बीच का अंतर अहम

एक मई से भारत में सभी व्यस्कों को टीका लगने का काम शुरू हो गया है. अभी लोगों के पास कोवैक्सिन और कोविशील्ड वैक्सीन के विकल्प ही उपलब्ध हैं. जहां कोवैक्सिन को दो डोज में चार हफ्ते का अंतर होना चाहिए., वहीं कोविशील्ड के डोज में 6-8 हफ्ते का अंतर होना चाहिए. पिछले तीन हफ्तों से ज्यादा समय से चल रही दूसरी लहर ने संक्रमण के ऐसे मामले भी बढ़ा दिए हैं जिन्हें वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है.

क्या करें अगर बीच में हो संक्रमण

विशेषज्ञों का कहना है कि दो डोज के बीच के समय में अगर कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाए तो उसे इंतजार करना चाहिए और दो से चार हफ्ते के बाद वह सुरक्षित तौर से वैक्सीन ले सकता है जब उसके कोरोना संक्रमण के सभी लक्षण सामान्य स्थिति में आ जाएं.

करें हाल ही में संक्रमण से उबरे लोग

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जिस तरह से कोहराम मचाया है उससे लोगों में वैक्सीन लगवाने की जरूरत ज्यादा महसूस हुई है. अगर कोई व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित हुआ है और वह वैक्सीन लगवाना चाहता है तो उसे भी इंतजार करना चाहिए और संक्रमण के लक्षण जाने के एक से तीन महीने के बाद उसे वैक्सीन का पहला डोज लगवाना चाहिए.

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